अमेरिकी काँग्रेस ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानो (IITs) और भारत-अमेरिकी समाज के योगदान को विधिवत स्वीकार किया है और उनकी सराहना की है । भारत के लिये इस समाचार का क्या अभिप्राय है ? खुशी की बात है या चिन्ता का विषय ? भारत की जनसंख्या को देखते हुए मुझे तो यह शुभ समाचार ही लगता है । " हम बाहर भी खिलाते है और अन्दर भी " ।
विस्तृत समाचार यहाँ पढें ।
29 April, 2005
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
1 comments:
यीसमें दुःख हुनेकि बात क्या है ?
दिपक
Post a Comment