31 January, 2012

हिन्दी विकिपीडिया : हिन्दी के नवजागरण का सुअवसर

हिन्दी अपनी वर्तमान स्थिति को कई आन्दोलनों और सुविचारित प्रयत्नों के द्वारा पहुँच पायी है। मैं इसकी वर्तमानस्थिति से संतुष्ट नहीं हूँ किन्तु मुझे इसका भविष्य बहुत उज्ज्वल दिखाई पड़ रहा है। मेरा मानना है कि 'भाग्य मेंलिखा' जैसा कुछ नहीं होता बल्कि कोई घटना या कार्य तभी होता है जब उसके लिये आवश्यक प्रयत्न किये जाँय।अतः हिन्दी का भविष्य भी अपने आप या भाग्य के सहारे उज्ज्वल नहीं होने वाला, इसके लिये प्रयत्न करने होंगे।

सुअवसर आते रहते हैं, हमे सुअवसर को पहचानना होगा और उसके अनुसार काम करना होगा। विकिपीडिया इसीप्रकार का सुअवसर है जिसका समुचित उपयोग कर हिन्दी को नवजागृत किया जा सकता है। जो अब तक कभीसोचा भी नहीं गया था, वह अब सम्भव है।

हिन्दी का पिछला जागरण सौ-सवा सौ साल पहले आया था जब भारत में भी प्रिंटिंग प्रेस आया। हिन्दी मेंपत्र-पत्रिकाओं, यशस्वी पत्रकारों, साहित्यकारों की बाढ़ गयी थी। हिन्दी में अजीब स्फूर्ति आयी थी। हिन्दी नेअपना विकास करते हुए 'भारत के स्वतंत्रता आन्दोलन की भाषा' के रूप में भूमिका अदा की और देश के कर्नधारोंने इसे राष्ट्रभाषा का अधिकारी माना और इसे वह स्थान भी दिया गया। (किन्तु बाद में विदेशी हाथों में खेलने लेसत्ता ने षडयंत्रपूर्वक क्रमशः उसका यह अधिकार कम किया और कम करते गये।)

जनता की भाषा जब ज्ञान-विज्ञान के प्रसार का माध्यम बनती है तो उसका विकास होता है और उसका विकासहोने से ज्ञान-विज्ञान की वृद्धि होती है। जिस प्रकार पुस्तकों के प्रकाशन के बाद यूरोप में वैज्ञानिक क्रांति सम्भवहुई उससे अधिक सम्भावना भाषाई विकियों (जैसे हिन्दी विकी) में है। पुस्तकों की अपेक्षा इसमें अनेक अपूर्व गुण हैं। यह कभी बासी नहीं होगी; इसमें कोई भी, कभी भी, कहीं से भी योगदान कर सकेगा ; इसमें केवल विद्वानलिखेंगे बल्कि विद्यार्थी, किसान, जवान, शिल्पी, वकील, अध्यापक, इंजीनियर, डॉक्टर, वकील, समाजसेवी, धर्मसेवी, राजनेता आदि भी लिखेंगे। इसमें लिंकिंग की जो अद्भुत क्षमता है वह पुस्तकों में नहीं है; इसमें खोजन (सर्च) की क्षमता पुस्तकों में खोजने की क्षमता के सैकड़ों गुना बेहतर है; इसको वितरित करना (शेयरिंग), बहुगुणित करना बहुत आसान और बहूपयोगी है। इसमें लिखने से चीजें अमर बन जातीं हैं - यदि वे उपयोगी हैं तो सदा सबको उपलब्ध होंगी।

21 January, 2012

वोट दीजिये, पर इन्हें नहीं !

विधानसभा चुनावों में जिसे वोट दें वह या उसका दल-

* हिन्दी विरोधी हो,

* भ्रष्ट हो और भ्रष्टाचार उन्मूलन के लिये कटिबद्ध दिखे,

* जनता को मजहब, जाति, के आधार पर बांटकर उनका तुष्टीकरण करता हो,

* विदेशी मूल का हो, भारत की माटी से जुड़ा हुआ हो,

* विदेश में शीक्षा पाया हो ; आम जनता से हो,

* जो स्वयं वंशवादी हो और ही वंशवाद का समर्थक हो,

* जो चाटुकार हो,

* जो आपको लालच दे, बड़े-बड़े वादे करे,

* जो आपको अपना या अपने परिवार का वोट देने के लिये रूपया, कम्बल, साड़ी या कुछ और दे। (पहले क्यों नहींदिया?)

29 October, 2011

विचारोत्तेजक हिन्दी लेख

विचारोत्तेजक लेख जीवन की दिशा बदल सकते हैं। उनमें समाज को सही दिशा देने की शक्ति भारी होती है। इसी उद्देश्य से अंतरजाल पर विद्यमान कुछ लेखों के लिंक का संग्रह यहाँ कर रहा हूँ। यह एक सतत कार्य है जो अभी आरंभिक स्थिति में ही है।


भारत का इतिहास
भारत का वैज्ञानिक चिन्तन

हिन्दी हितार्थ

ताप्तीलोक : जीवन विवेक साहित्य विचार संस्कृति चिंतन


विश्व को भारत की वैज्ञानिक देन
‘बढ़ती ईंधन ज़रूरत का जवाब है घास-फूस’ (देसी न्यूज)

Physics in Ancient India (hindi)

हिन्दी, युवा पीढ़ी और ज्ञान-विज्ञान (ताप्तीलोक)

क्या है वास्तविक शाकाहार?

ललित निबंध संचयन

साहित्य की विधाओं में भाषिक-संरचना और दिक-काल का निबंधन (मधुमती पत्रिका)

Nav Darpan
Hindi ke bhagiirath - MMM Malaviya
Plea to Governor for introduction of Oriya in lower courts

Articles in Hindi by shobhit Saksena

LocalisationLabs: Local language enablement in IT products and services

Hindi is No. 1 Language in the World : Nautiyal

हिन्दी से सम्बंधित लेख

हिन्दी के विकास में गुजरात के सांप्रदायिक कवियों का योगदान
ज्ञानघर: हिन्दी की हुकूमत
हिंदी बालसाहित्य: परंपरा एवं आधुनिक संदर्भ « आखरमाला
आधुनिक हिंदी का अंतर्राष्ट्रीय विकास - विकिपीडिया
History Of Hindi Literature of last 150 years

21 वीं सदी की छलछल उच्छल हिंदी ( अरविंद कुमार का आलेख )
हिन्दी में आधुनिक प्रौद्योगिकी की संभावना
इस अंग्रेजी के रहते हम चीन से कैसे पिछड़ गये? सरल उत्तर है- चीन में सारी शिक्षा चीनी भाषा में दी जाती है।
हिन्दी पत्रकारिता के विकास में साप्ताहिक पत्रो की क्रांतिकारी भूमिका
स्वतंत्रता संग्राम में पत्रकारों का योगदान आदर्श आज कहाँ है ? (bharat 24x7:)
पत्रकार : संघर्ष और संभावनाएं -- माखनलाल चतुर्वेदी
भाषा से नाता जोड़ने वाली सबसे पुरानी किताबें
भाषा का सूक्ष्म और रोचक अधययन करने वाली ये किताबें तब लिखी गईं जब यूरोप घने अंधेरों में डूबा हुआ था मेसोपोटामिया, फारस और चीन में सभ्यता का विकास हो रहा था।
भारतीय साहित्य और सामाजिक सरोकार (भाग 1)
भारतीय साहित्य की पहचान
भारतीय साहित्य का स्वरूप (मधुमती पत्रिका)
रोमन लिपि के शिकंजे में सिसकती हिंदी

सृजनगाथा । हिंदी-विश्व - विज्ञान और प्रौद्योगिकी का विकास एवं हिंदी - प्रो. महावीर सरन जैन
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हिंदी की महिमा (हिंदी दिवस)

विश्व भाषा का रूप लेती हिंदी