16 June, 2005

भूखे रहो , स्वस्थ रहो !

कुछ दिन पहले एक समाचार आया था कि जर्मनी मे एक व्यक्ति कई
वर्षों से बिना भोजन के सौर-उर्जा से ही जीवित है । भारत में उपवास
करने की परम्परा रही है । इसको हमारे पूर्वजों ने इतना लाभप्रद समझा
कि इसे धर्म का अंग ही बना दिया । किन्तु कुछ परदेशी विचारक भी हैं
जो उपवास की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हैं और भोजन से यथासंभव दूर
रहने को हितकर मानते हैं :

1) "रोगी शरीर" को आप जितना अधिक पोषण देंगे , शरीर उतना ही
अधिक बिगडेगा । कम भोजन को आप सर्वश्रेष्ठ औषधि बना सकते हैं ,
वरना औषधियाँ ही आपका भोजन बन जायेंगी । --- हिप्पोक्रेट्स

2) Every morsel of food is a tax on our vital system. --( ? )

3) Fasting is the single greatest natural healing therapy I know.
Eldon Haas, M.D. in his book The Detox Diet,

४) वृद्धावस्था का आरम्भ बडी आँत मे स्वयं द्वारा संचित विषैले मल के
शोषण से होता है । --- डाँ मेचानीकाँफ़ , रूसी रोगाणु विशेषज्ञ

5) When properly utilized, fasting is a safe and effective means
of maximizing the body’s self-healing capacities. The results can
be truly amazing. --- Alan Goldhamer, D.C.

6) We're eating 10 times the amount of food that we need to keep
us going each day in a world where most of the people go to
bed hungry.
---- Storm Talifero (AKA "NutMan")


7) The ultimate diet for humans consists exclusively of uncooked
fruits, vegetables, nuts, seeds, sprouts and sprouted grains.
This is the only diet that will truly reverse your aging process.
------ Storm Talifero (AKA "NutMan")

************************************************************
जठराग्नि आहार को पचाती है और आहार के अभाव मे शरीर के दोषों
को नष्ट करती है । -- आयुर्वेद

************************************************************

3 comments:

Mahavir Sharma said...

अनुनाद
जो व्यक्ति शरीर से स्वस्थ है और वह भी जिसे स्वास्थ्य-सम्बन्धी समस्याओं ने घेरा हुआ है;
कहने का तात्पर्य है कि हर व्यक्ति के लिये यह
लेख बड़ा उपयोगी है। विभिन्न पुस्तकों तथा लेखों
से उपयुक्त उद्धरण खोज कर इस लेख में देना अपने आप में ही बड़ा कार्य है।
इस के लिये धन्यवाद!
महावीर

आशीष said...

योगाचार्य स्वामी रामदेव तो लगभग पिछले दस सालों से फला्हार ही कर रहे हैं और उनका शरीर देख कर हम लोगों को डूब मरना चाहिये कि इतना खाने के वाबजूद हम कितने कमज़ोर हैं।

योग के अनुसार स्वस्थ शरीर को बहुत कम भोजन की आवश्यकता होती है।

Purnavallabdas swami said...

jay swaminarayan
From Gurukl Kandari Swami Purnavallabhdas

I feel happy no bound, when I show this site & read this article .