18 June, 2007

बिना मूल्य के उपकरण, काम करें गंभीर

जब अच्छे-अच्छे मुक्तस्रोत साफ़्टवेयर नि:शुल्क उपलब्ध हैं तो अवैधानिक तरीके से प्राप्त (pirated) साफ़्टवेयर क्यों प्रयोग करें या पैसे क्यों बर्बाद करें। कई मुक्त-स्रोत साफ़्ट्वेयर तो कामर्शियल साफ़्ट्वेयरों से भी बेहतर हैं। अधिकांश मुक्तस्रोत साफ़्टवेयर अधिकांश लोगों की आवश्यकताओं के लिये पर्याप्त हैं। किसी-किसी में कोई-कोई उन्नत कार्य करने की क्षमता (advanced functionality) का अभाव हो सकता है किन्तु ऐसे फ़ीचर्स की जरूरत बहुत कम लोगों को पड़ती है।

नीचे कुछ जालस्थलों की सूची दे रहा हूँ जहाँ इस तरह के नि:शुल्क/मुक्तस्रोत/शेयरवेयर साफ़्टवेयरों के बारे में वर्गीकृत जानकारी दी गयी है।



कामर्शियल साफ़्टवेयरों के मुक्तस्रोत विकल्प
(Open Source Alternatives for Commercial Softwares)

OSALT_DoT_Com : Open Source as Alternative

The OSSwin Project : Open Source for Windows

Open Source Windows : A Simple List of best free and Open-Source Windows Softwares





सामान्य उपयोग के लिये नि:शुल्क साफ्टवेयर

विकिपेडिया पर मुक्त-स्रोत साफ़्टवेयर पैकेजों की विस्तृत सूची

३०० सर्वश्रेष्ठ फ़्रीवेयर (नि:शुल्क साफ़्टवेयर)

१०१ शेयरवेयर और फ़्रीवेयर

46 Best-ever freeware Utilities

The Complete List of Freeware

Neowin's Freeware Alternative List

हिन्दी-मस्टडाउनलोड्स-डॉटकॉम : आपके कंप्यूटर के लिये ज़रुरी सॉफ्टवेयर, नवीनतम संस्करण, दर्पण, पुनरवलोकन, सब मुफ़्त। प्रतिदिन अद्यतनीकृत।

Download Junction

FSF-UNESCO free software Directory

Best Softwares for Download

The Free Software Foundation




लिनक्स में उपयोग के लिये विन्डोज साफ़्टवेयरों के विकल्प
The table of equivalents of Windows softwares in Linux




नि:शुल्क इंजीनियरिंग उपकरण (साफ़्टवेयर)

All Engineering :

Engineering Software

FREE ENGINEERING SOFTWARE

PDHonline.org - Free Engineering Software

Software Download Free Engineering Software



Mechanical engineering :

Free Mechanical Engineering Software

Monachos Mechanical Engineering - Engineering Links



Electrical / Electronics :

Electronic Circuit Design and Simulation Software

ePanorama.net-EDA Links

SPICE Resources - Circuit simulation Softwares and Articles

ECAD LIST

John's Electrical Engineering Software Page

Raj Singh's Web Pages ECAD-EDA Resources

Open Circuit Design

13 June, 2007

साइलैब (SciLab) की प्रशंशा में

यदि गंभीर किस्म के गणितीय कार्य - सिमुलेशन, इष्टतमीकरण(Optimization), कन्ट्रोल तन्त्र की डिजाइन (control system design) आदि करने हों तो मैटलैब (MATLAB) नामक कामर्शियल साफ़्टवेयर का नाम सबसे पहले आता है। किन्तु यदि आप मुक्तस्रोत के दर्शन को बढ़ावा देना चाहते हैं और बिना पैसा खर्च किये ही मैटलैब का निकटतम् विकल्प चाहते हैं तो साइलैब(SciLab) नामक साफ़्टवेयर सबसे उपयुक्त है।

साइलैब में लगभग वह सब कुछ है जो आपको मैटलब में मिलेगा। इसकी भाषा भी मैटलैब की भाषा से बहुत हद तक मेल खाती (compatible) है । इसके अतिरिक्त इसमें मैटलैब की भाषा में लिखे प्रोग्रामों को सीधे साइलैब की भाषा में बदलने के लिये कन्वर्टर भी उपल्ब्ध कराया गया है। मैटलैब के साथ जो सिमुलिंक(SimuLink) नामक ब्लाक-डाइग्राम आधारित सिमुलेशन टूल होता है उस तरह का ब्लाक-डाइग्राम आधारित टूल साइलैब में भी है, जिसका नाम है - साइकास(SciCos)। इसका ग्राफ-प्लाटिंग का टूल भी बहुत अच्छा है। इसे सीखना आसान है क्योंकि प्रोग्राम के साथ ही स्वत: चलने वाले ट्यूटोरियल भी हैं। इसके अलावा सभी तरह की सहायता भी उपलब्ध है।

गणित, विज्ञान और तकनीकी क्षेत्र के विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों और पेशावरों के लिये यह बहुत ही उपयोगी साफ़्टवेयर है।

10 June, 2007

दिन दूनी रात चौगुनी वृद्धि का गणित

सामान्य अर्थ में जब किसी चीज की वृद्धि बहुत तेज होती है तो कहते हैं कि उसमे दिन दूनी रात चौगुनी वृद्धि हो रही है। इस वृद्धि का अपना ही गणित है जो रोचक होने के साथ-साथ बहुत ही उपयोगी भी है।

गणित की भाषा में इस तरह की वृद्धि को चरघातांकी वृद्धि (exponential growth) कहते हैं। इस वृद्धि की विशेषता है कि किसी राशि के वृद्धि की दर उस राशि के उस समय के परिमाण के समानुपाती होती है। एक सीमा के बाद यह वृद्धि इतनी तेज गति से होती है कि यह समझने में कठिन होने के साथ-साथ अविश्वसनीय भी बन जाती है।

इक्सपोनेंशियल वृद्धि पर एक रोचक किस्सा सुनने को मिलता है। माना जाता है कि शतरंज का आविष्कार भारत मे हुआ होगा। एक बार किसी राजा ने शतरंज के जानकार किसी साधु से शतरंज सीखने की इच्छा व्यक्त की। साधु ने शीघ्र ही राजा को शतरंज में प्रवीण बना दिया। जब दक्षिणा की बात आयी तो साधु ने कहा: "मुझे आप शतरंज के चौसठ(६४) खानों के नाम पर किसी अन्ना का दाना दीजिये और शर्त ये है कि पहले खाने के नाम पर एक दाना, दूसरे खाने के नाम पर दो दाना, तीसरे के नाम पर चार दाना, चौथे के नाम पर आठ दाना... देना होगा; अर्थात किसी खाने के नाम पर जितने दाने दिये हैं, अगले खाने के लिये उसके दूना दाना देना पड़ेगा।

राजा को यह दक्षिणा बहुत तुच्छ लगी। और गणना कर-करके दाने दिए जाने लगे। शुरू-शुरू में (पन्द्रह-बीस खानो तक) तो यह मजाक जैसा लग रहा था, किन्तु जैसे-जैसे बड़े नम्बर के खाने की बारी आने लगी राजा को स्प्ष्ट हो गया कि यह दक्षिना देना उसके लिये कठिन ही नही असम्भव भी है।

गणित की दृष्टि से देखें तो दाने 1 2 4 8 16 .. आदि दिये जाने थे जो एक गुणोत्तर स्रेणी(Geometric Progression) है। जानते हैं कि चौसठवें खाने के नाम पर कितने दाने देने पड़ेंगे? २ के उपर ६३ घात के बराबर जिसका मान है - ९२२३३७२१३६८५४७७५८०८. यदि मान लें कि २० दानों का भार लगभग १ ग्राम है तो चौसठवें खाने के नाम पर लगभग ४६११६८६०१८४२७ क्विंटल अन्न बनता है। क्या यह दक्षिणा राजा के लिये दान करना सम्भव है?
चक्रवृद्धि ब्याज (compound interest) पर जमा की गयी पूंजी या लिया गया ऋण की वृद्धि भी इक्सपोनेन्शियल ही होती है। किसी बच्चे के जन्मते ही उसके नाम से केवल १०० रूपये जमा कर दें और उस पर २५% वार्षिक की दर से चक्रवृद्धि ब्याज मिले तो ५२ वर्ष की उम्र में वह करोड़पति बन जायेगा। यदि २५% बहुत अधिक ब्याज लगता है तो यदि १०% का चक्रवृद्धि ब्याज भी मिले तो १०० वर्ष की उम्र में वह तेरह लाख का स्वामी होगा। इसी को वित्तीय हल्कों में पावर आफ कम्पाउंडिंग (power of compounding) कहते है। इसी को आठवां आश्चर्य भी कहा जाता है। बड़े-बड़े लोग इसी बात को आधार बनाकर सलाह देते हैं कि धनी बनने के लिये अपने जीवन में जल्दी इन्वेस्ट करना आरम्भ कर दो और बार-बार इन्वेस्ट करते रहो, यही धनी बनने का मूल मंत्र है।

इक्सपोनेन्शियल वृद्धि और एक समान वृद्धि (linear growth) का अन्तर स्पष्ट करने के लिये एक और उदाहरण दिया जाता है।

एक आदमी के दो बेटे थे। बड़े बेटे का खाता उसने सौ रूपये से खोला और प्रति माह उसमे १०० रूपये और जमा करता गया। छोटे बेटे का खाता उसने केवल १ रूपये से खोला किन्तु इसके बाद हर महीने पिचले महीने में जमा राशि का दोगुना जमा करता गया, यानि दूसरे महीने दो रुपया, तीसरे महीने चार रूपया, चौथे महीने आठ रूपये.. आदि। एक वर्ष बाद किसके खाते में ज्यादा धन होगा? क्या आप देख सकते हैं कि छोटा बेटा शीघ्र ही मालामाल हो जायेगा?

इक्स्पोनेन्शियल वृद्धि का कमाल और भी अनेकों जगह देखने को मिलता है। परमाणु बम(atom bomb) इक्सपोनेन्शियल वृद्धि का ही कमाल है। चेचक, हैजा, एड्स आदि महामारियाँ विषाणुओं (virus) के इक्सपोनेन्शियल वृद्धि का ही परिणाम हैं। इन्टरनेट के कारण सूचना का विस्फोट (information explosion) भी इक्सपोनेन्शियल ही है। सेमीकंडक्टर तकनीक में उन्नति के कारण कम्प्यूटिंग पावर भी इसी तरह की वृद्धि है। मल्टी-लेवेल मार्केटिंग ( एम-वे को जानते हैं?) में भी सदस्य संख्या इक्सपोनेन्शियल ही बढ़ती है। यही कारण है कि बाद वालों को सदस्य बनाने में नानी याद आ जाती है जबकि जो इस शृंखला में पहले घुस जाते हैं वे मलाई चाटते नजर आते हैं। विकिपेडिया और ब्लाग का प्रसार भी इक्सपोनेन्शियल हो रहा है।