07 December, 2007

तुष्टीकरण : कैसे-कैसे रूप !


हज सबसिडी

समान नागरिक संहिता लागू करने में आनाकानी और इसका विरोध

उत्तरी राज्यों में उर्दू को द्वितीय राजभाषा बनाना

उर्दू शिक्षकों की नियुक्ति

इफ़्तार पार्टियाँ

मुसलमान राष्ट्रपति/उपराष्ट्रपति/राज्यपाल

अल्पसंख्यक आयोग

अल्पसंख्यकों के लिये विशेष आरक्षण

अल्पसंख्यकों को विशेष ऋण सुविधा

मदरसों को विशेष सुविधायें

अल्पसंख्यकों के लिये विशेष छात्रवृत्ति

सच्चर कमीटी

अफजल की फांसी पर चुप्पी

काश्मीर में भारत-विरोधी तत्वों के साथ नरमी

तसलीमा का बंगाल से निषकासन

तस्लीमा की पुस्तकों पर प्रतिबन्ध

विदेश नीति में इरान का समर्थन

इजराइल के साथ अच्छे सम्बन्ध बनाने से संकोच

धारा ३७०

पोटा हटाना

अल्पसंख्यक शिक्षा संस्थानों को विशेष सुविधा

उर्दू अखबारों को प्रोत्साहन

बंगलादेशियों को भारत में प्रश्रय

मुस्लिम लीग़ के साथ सत्ता-समझौता

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... आदि, आदि

6 comments:

बाल किशन said...

रख के दिए है एकदम झक्कास.
पर अगर तस्वीर का कोई दूसरा पहलू है तो उसे भी पेश किया जाय.
दूसरा पहलू है जरुर आपने अपने नज़र की बात है.

Shiv Kumar Mishra said...

बालकिशन जी,

तस्वीर सामने से ही देखी जाती है. दूसरा पहलू तो सफाचट होता है. क्या देखियेगा उसमें? अनुनाद सिंह जी ने अपना पहलू रखा है. दूसरा पहलू तो दूसरे लोग देते ही हैं.

Gyandutt Pandey said...

कौरव रक्खें धरती तमाम। तुष्टीकरण से छोड़ दें पांच गांव!
लेवल प्लेइंग फील्ड का छोटा हिस्सा भी पूरे देश पर भारी पड़ेगा।
पर वह भी कैसे होगा?

Sanjay said...

आज तो चिट्ठों में हर ओर अनुनाद का ही अनुनाद है. ये तेवर .. ये चढ़ी हुई त्‍यौरियां.. यह तो एकदम नया चेहरा है आपका. लेकिन पसंद आया.

संजय बेंगाणी said...

वन-लाइनर अनुनाद इतना सक्रीय क्यों है? :)

रजनीश मंगला said...

इसका कुछ तो इलाज होना चाहिये।