20 June, 2005

दयानिधि ने हिन्दी का मनोरथ भी पूरा किया

आज के अखबारों मे बडे-बडे विज्ञापन आये हैं । हिन्दी के तरह-तरह के फ़ान्ट , भारतीय ओपेन आफ़िस , आप्टिकल कैरेक्टर रिकाग्नीशन , टेक्स्ट से आवाज आदि अनेकानेक उपयोगी चीजें मुफ़्त उपलब्ध करायी जा रही है ।

दयानिधि महोदय इसके लिये निश्चित ही धन्यवाद के अधिकारी हैं ।

अब हम सबको देखना है कि अब कहाँ-कहाँ और कौन सी समस्या बच गयी है । इसके आगे क्या करना है ?

एक समाचार यहाँ है :



और एक यहाँ भी :

http://in.tech.yahoo.com/050618/139/5z09e.html

2 comments:

makash said...
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आकाश महाजन - akash ,mahajan said...

मैं इस समारोह में शामिल हुआ था ।

I was present in this function