19 September, 2009

ओपेनऑफिस में हिन्दी के लिये उपयोगी कुछ एक्सटेंशन

ओपेनऑफिस एक मुक्तस्रोत एवं नि:शुल्क सोफ्टवेयर है जो माइक्रोसोफ्ट ऑफिस के समतुल्य है। इसमें राइटर, कैल्क, इम्प्रेस आदि अलग-अलग अप्लिकेशन हैं जो क्रमशः माइक्रोसॉफ्ट के वर्ड, एक्सेल एवं पॉवरपाइन्ट के समान कार्य करते हैं।

ओपेनआफिस की सबसे बड़ी विशेषता इसके '
एक्सटेंशन' हैं। आज की तारीख में इसके लिये लगभग एक हजार एक्सटेंशन उपलब्ध हैं जो विभिन्न कार्यों के लिये सुविधा प्रदान करते हैं।

हिन्दी के लिये उपयोगी एक्सटेंशन अपेक्षाकृत कम बने हैं। जो एक्सटेंशन हैं वे प्राय: ओपेनआफिस राइटर के लिये हैं। हिन्दी के लिये उपयोगी मुख्य एक्सटेंशन इस प्रकार हैं-

* English to Hindi Dictionary and Thesaurus 1.0.0

* हिन्दी स्पेलचेकर डिक्शनरी

* Hindi Hyphenation Dictionary

* XlitHindi

* GXLiterate

* Anaphraseus

जीट्रान्सलिटरेट : इसे प्रसिद्ध गूगल इण्डिक ट्रान्सलिटरेशन टूल का ओपेनआफिस संस्करण कह सकते हैं। इसे इंस्टाल कर लेने पर आप ओपेनआफिस में किसी अन्य सॉफ्टवेयर के बिना ही हिन्दी लिख सकते हैं। किन्तु इसके लिये इण्टरनेट से जुड़े रहना जरूरी है।

अनाफ्रेजिअस : यह 'अनुवाद स्मृति' (ट्रान्सलेशन मेमोरी) पर आधारित एक अनुवादक है जो किसी शब्द, वाक्य या वाक्य-समूह का अनुवाद करने के काम आता है। यह पहले से किये गये अनुवाद (ट्रान्सलेशन मेमोरी) पर आधारित है। इसकी सहायता से धीरे-धीरे कोई भी अपने काम के लिये उपयुक्त अनुवाद का बहुत बड़ा डेटाबेस तैयार कर सकता है जिससे श्रम की बचत होगी। इस तरह का अनुवाद वहाँ बहुत उपयोगी होगा जहाँ भाषा में विविधता न होकर एक सीमित ढ़र्रे के शब्द/वाक्यों का बार-बार प्रयोग होता है। ध्यान दें कि यह 'मशीनी अनुवाद' नहीं है बल्कि 'मशीन-सहाय्यित अनुवादक' है जिसमें मानव अनुवादक को भी श्रम करना पड़ेगा। जिसका फल उसे तब मिलेगा जब उसके द्वारा तैयार किया गया डेटाबेस बड़ा हो जायेगा। यह किसी भी भाषा को किसी अन्य भाषा में अनुवाद कराने के लिए प्रयोग किया जा सकता है।

5 comments:

Suresh Chiplunkar said...

अनुनाद भाई,
1) ये ओपन ऑफ़िस कहाँ से मिलता है?
2) हार्ड डिस्क और रैम पर कितनी जगह खाता है?
3) वर्तमान में चल रहे एमएस ऑफ़िस के साथ-साथ इसे चला सकते हैं?
4) यदि वर्तमान एमएस ऑफ़िस निकाल दें तो क्या दूसरे कम्प्यूटर पर बनी हुई वर्ड, एक्सेल आदि की फ़ाइलें इसमें खुलेंगी?
5) जमाने भर के एड-ऑन इंस्टाल करने से कहीं स्पीड कम तो नहीं हो जायेगी?
सारी बातें एक और पोस्ट लिखकर बतायें…

एक "कम्प्यूटर तकनीकी अनपढ़"
- सुरेश चिपलूनकर :)

ज्ञानदत्त पाण्डेय | Gyandutt Pandey said...

ओपन ऑफिस मैने इंस्टाल कर फिर निकाला। मेरा अनुमान था कि सिस्टम धीमा चल रहा है।
पर आप जिन सुविधाओं की बात कर रहे हैं - उन्हे देखते लगता है एक बार पुन: मन बनाना होगा।

Raviratlami said...

मैंने लगभग इन सभी एक्सटेंशनों को जांचा परखा और पाया है कि अनुवाद का तथा हिन्दी वर्तनी जांचक बढ़िया काम करता है. बाकी के अन्य एक्सटेंशन या तो बगी हैं, या सार्थक परिणाम नहीं दे पा रहे.

@सुरेश जी
1) ये ओपन ऑफ़िस कहाँ से मिलता है?
डायरेक्ट डाउनलोड लिंक-
http://spout.ussg.indiana.edu/openoffice/stable/3.1.1/OOo_3.1.1_Win32Intel_install_wJRE_en-US.exe
2) हार्ड डिस्क और रैम पर कितनी जगह खाता है?
ज्यादा नहीं, 250-300 मेबा हार्ड डिस्क पर, रैम 500 मेबा हो तो चलेगा
3) वर्तमान में चल रहे एमएस ऑफ़िस के साथ-साथ इसे चला सकते हैं?
बिलकुल
4) यदि वर्तमान एमएस ऑफ़िस निकाल दें तो क्या दूसरे कम्प्यूटर पर बनी हुई वर्ड, एक्सेल आदि की फ़ाइलें इसमें खुलेंगी?
खुलेंगी भी और उन्हीं फ़ार्मेट में सहेजा भी जा सकता है. हाँ, कुछ विशिष्ट फ़ॉर्मेटिंग से हाथ धोना पड़ सकता है
5) जमाने भर के एड-ऑन इंस्टाल करने से कहीं स्पीड कम तो नहीं हो जायेगी?
नहीं. नया संस्करण 3.1 खुद ही तेज है.

अनुनाद सिंह said...

मैने जीट्रान्सलिटरेट इंस्टाल करके चलाया। बढ़िया चलता है।

नरेश सिह राठौड़ said...

आपके द्वारा दी गयी जानकारी अपने उधेश्य में सफल है | मुझे इसकी कभी जरूरत हजी महशूस नहीं हुई है | मै एक पोर्टेबल सोफ्टवेयर एटलांटा का उप्योग करता हूँ जिसमे वर्ड की फाईल खुल जाती है और काम भी अच्छा कर लेता है भारी भरकम एम् एस ओफीस से तो अच्छा रहता है कम से कम इंस्टाल तो नहीं करना पडता है |जिसका कभी कभार ही काम पड़ता है |