09 March, 2006

देवनागरी-समर्थ मोबाइल-फोन

सब ओर मोबाइल फोन और उसके स्वर्णिम भविष्य की चर्चा है उस पर भी एस.एम.एस. के महत्व और उपयोगिता की गूँज और भी अधिक है कुछ परमार्थी लोगों ने तो एस.एम्.एस. पर ट्यूटोरियल तक बना डाले हैं बहुत से साइट , संजाल से मोबाइल-फोन पर मुफ्त में एस.एम.एस. की सुविधा प्रदान कर रहे हैं इनमें से कई जगह यूनिकोड मे एस.एम.एस. भेजने की सुविधा भी प्रदत्त है

ऐसे में मैने यह जानने और खोजने का प्रयास कर रहा हूँ कि वर्तमान में किन-किन मोबाइल-फोनों पर :

१) यूनिकोड देवनागरी के संदेश प्राप्त किये जा सकते हैं ?
२) किस-किस पर देवनागरी में सन्देश भेजे जा सकते है ? इन पर देवनागरी कुन्जीपटल है, या फोनेटिक रोमन की सहायता से देवनागरी सन्देश लिखा जाता है ?
३) किस-किस पर देवनागरी टी-९ (T9) टेक्स्ट इनपुट की सुविधा भी है ?
४) कौन सा मोबाइल आपरेटिंग सिस्टम इस समय यूनिकोड-समर्थ है ?
५) क्या किसी मोबाइल हैन्डसेट का मेनू हिन्दी में उपलब्ध है ?

इन प्रश्नो के उत्तर का सम्बन्ध भारत के जन-साधारण की सुविधा से है आप भी इन प्रश्नो का उत्तर ढूँढने में मेरी सहायता कीजीये

4 comments:

आशीष श्रीवास्तव said...

नोकिया के सभी भारतिय माडेल देवनागरी को समर्थन करते हैं.
सोनी-एरीक्सन का अभी तक कोइ भी माडेल देवनागरी को समर्थन नही करता हैं.

Raviratlami said...

यूं तो हिन्दी भाषा (कुछ अन्य भारतीय भाषाएँ भी) मोबाइल फ़ोनों में कुछ अरसे से आ रही हैं, परंतु पूरा समर्थन पाने में समय लगेगा.

उदाहरण के लिए, यदि आप रिलायंस से एयरटेल में हिन्दी पाठ संदेश भेजते हैं, तो वह याहू और गूगल की तरह खंडित हो जाता है.

मोबाइल फ़ोनों में प्रोसेसिंग पॉवर की कमी के चलते हिन्दी में काम करना धीमा हो जाता है. संदेश की लंबाई कम करनी पड़ती है. रिलायन्स तथा हच इत्यादि में तो अच्छी खासी सामग्री हिन्दी में (समाचार/मनोरंजन इत्यादि) उपलब्ध है, परंतु अनुभव अत्यंत धीमा (उसी फोन में अंग्रेज़ी के मुकाबले) हो जाता है (पृष्ठ लोड करने व स्क्रॉल करने में)

वैसे, सभी अच्छे (हाई लेवल) फ़ोनों में (उदा. एलजी, नोकिया) हिन्दी मेन्यू तथा हिन्दी पाठ (टी 9 सहित) इत्यादि की सुविधा तो अब अंतर्निर्मित उपलब्ध है.

आलोक said...

नोकिया और ऍल जी वाले फ़ोनों में देवानगरी तो है लेकिन कोई मानक नहीं है, इसलिए ये आपस में बात नहीं कर सकते हैं। समस्या है।

Manish said...

अनुनाद जी कोई अपडेट नहीं इधर !