tag:blogger.com,1999:blog-10323440.post2540362132420497734..comments2007-12-10T09:40:08.388+05:30Comments on प्रतिभास: अपने लिये फाण्ट परिवर्तक प्रोग्राम स्वयं लिखेंअनुनाद सिंहhttp://www.blogger.com/profile/05634421007709892634noreply@blogger.comBlogger6125tag:blogger.com,1999:blog-10323440.post-40726562226738864772007-12-10T09:40:00.000+05:302007-12-10T09:40:00.000+05:30अनुनाद जी, यह लेख शृंखला प्रयोक्ताओं के लिए बहु...अनुनाद जी,<BR/> यह लेख शृंखला प्रयोक्ताओं के लिए बहुत उपयोगी सिद्ध होगी । भारत में कई लोग ऐसे हैं जो अभी भी Windows 98 का प्रयोग करते हैं । ऐसी हालत में यूनिकोड से पुराने फोण्ट में बदलने के लिए परिवर्तित्र की बहुत आवश्यकता है । एक प्रकाशक ने तो बताया कि वे WALKMAN फोण्ट का प्रयोग करते हैं । मैंने तो इस फोण्ट का नाम पहले कभी नहीं सुना । यह फोण्ट मुझे ऑनलाइन कहीं नहीं मिला ।<BR/> आपके लेख से मुझे बहुत आशा बँधी है कि मैं खुद परिवर्तित्र तैयार करने हेतु प्रोग्राम लिखना चालू करूँगा ।नारायण प्रसादnoreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-10323440.post-21935610094379796372007-12-07T22:18:00.000+05:302007-12-07T22:18:00.000+05:30आदरणीय अनुनाद जी, इस लेख के लिये बहुत बहुत आभार. आ...आदरणीय अनुनाद जी, इस लेख के लिये बहुत बहुत आभार. आपने एक कठिन काम हाथ में लिया है, लेकिन इसका फायदा हम सब पाठकों को होगा.<BR/><BR/>जिस तरह आपने पाठ 1 लिखा है उस तरह इस विषय पर आज तक मैं ने कुछ भी नहीं देखा है. अत: मुझे पूरी उम्मीद है कि (चाहे मैं परिवर्तक बनाऊं या न) आपकी यह लेखन परम्परा जैसे जैसे आगे बढेगी वैसे वैसे मुझे कई चीजों का मर्म समझ में आ जायगा जो आज तक मेरे लिये "ग्रीक" था !!<BR/><BR/> -- शास्त्री <BR/><BR/>हिन्दी ही हिन्दुस्तान को एक सूत्र में पिरो सकती है.<BR/>हर महीने कम से कम एक हिन्दी पुस्तक खरीदें !<BR/>मैं और आप नहीं तो क्या विदेशी लोग हिन्दी <BR/>लेखकों को प्रोत्साहन देंगे ??शास्त्री जे सी फिलिप्http://www.blogger.com/profile/00286463947468595377noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-10323440.post-18786149722914858702007-12-07T09:40:00.000+05:302007-12-07T09:40:00.000+05:30संजीव भैया,आपकी समस्या को मैं समझ सकता हूँ। स्पष्...संजीव भैया,<BR/><BR/>आपकी समस्या को मैं समझ सकता हूँ। स्पष्टत: यह परिवर्तित करने वाले प्रोग्राम की अपूर्णता के कारण होता है या उस प्रोग्राम में निहित कुछ तार्किक त्रुटियों के कारण है। यह दुखद है कि अनेकों ऐसे परिवर्तक प्रोग्राम हैं जो त्रुटिपूर्ण हैं या अपूर्ण काम करते हैं।<BR/><BR/>आपके लिये कुछ सुझाव इस प्रकार हैं:<BR/><BR/>१) एमएस वर्ड में 'मैक्रो' का एक फीचर प्रदान किया गया है। मैक्रो एक ऐसा प्रोग्राम है जो आमतौर पर मैनुअली किये जाने वाले श्रमसाध्य क्रियाओं को बताये हुए क्रम में स्वत: और शीघ्र कर देता है। <BR/><BR/>२) आप एक नया परिवर्तित्र खुद लिखें। मैं भी लिख सकता हूँ, पर देखना पड़ेगा कि श्रीलिपि के लिये मुझे कितना समय लगेगा।<BR/><BR/>३) प्रोग्राम के लेखक से निवेदन करें कि वे प्रोग्राम में सुधाकरकर इसे और अच्छा परिणाम देने वाला बनाये।<BR/><BR/>४) और खोजिये, हो सकता है कि कोई दूसरा परिवर्तक साफ़्टवेयर भी उपलब्ध हो।अनुनाद सिंहhttp://www.blogger.com/profile/05634421007709892634noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-10323440.post-60971041193280188042007-12-07T09:24:00.000+05:302007-12-07T09:24:00.000+05:30संजय भाई,आपकी समस्या फाण्ट-परिवर्तन की नहीं है। यह...संजय भाई,<BR/><BR/>आपकी समस्या फाण्ट-परिवर्तन की नहीं है। यह अलग समस्या है। <BR/><BR/>रेमिंगटन लेआउट में वांछित शब्द न लिख पाने के दो ही कारण हो सकते हैं:<BR/><BR/>१) आप जिस एडिटर या इन्पुट मेथड का प्रयोग कर रहे हैं, उसमें तार्किक त्रुटि है, जिसके कारण अक्षरों का कुछ कम्बिनेशन इन्पुट करना ही असम्भव है; या<BR/><BR/>२) आप जिस एडिटर का प्रयोग कर रहे हैं उसके कुछ नियमों/विधियों से अनभिज्ञ हैं /अवहेलना कर रहे हैं ।<BR/><BR/>मुझे खेद है कि मैं दोनो ही स्थितियों में आपकी मदद नहीं कर सकता क्योंकि मैं रेमिंगटन का प्रयोग भी नहीं करता और उस प्रोग्राम को भी मैं नहीं बदल सकता।<BR/><BR/><BR/>हाँ, आपके लिये यह सलाह दूँगा कि इस समस्या को चिट्ठाकार फोरम में पूरी जानकारी से साथ रखें, तो बहुत सम्भव है कि यह हल हो जाय।अनुनाद सिंहhttp://www.blogger.com/profile/05634421007709892634noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-10323440.post-3656884554482366952007-12-07T07:40:00.000+05:302007-12-07T07:40:00.000+05:30अनुनान भईया हमारी भी इस संबंध में एक समस्‍या है पू...अनुनान भईया हमारी भी इस संबंध में एक समस्‍या है पूर्व में कृति एवं श्री लिपि फोन्‍ट में संग्रहित किसी लेख को रूपांतर से यूनिकोड परिर्वतित करने में कई कई शव्‍द रूपांतरित नहीं हो पात परिणामत: कई कई बार उस लेख के फ्रूफ रीडिंग में उतना ही समय लग जाता है जितने में उसे फिर से टाईप किया जा सकता है । इसका कोई निदान है क्‍या ।Sanjeeva Tiwarihttp://www.blogger.com/profile/03839571548915324084noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-10323440.post-25089781673921153272007-12-07T04:33:00.000+05:302007-12-07T04:33:00.000+05:30अनुनाद जी मैं अपनी पुरानी समस्‍याओं का उल्‍लेख करन...अनुनाद जी मैं अपनी पुरानी समस्‍याओं का उल्‍लेख करना चाहता हूं. रेमिंगटन लेआउट में टाइप करते समय जब मैं मुशर्रफ लिखता हूं तो उसका यह हाल हो जाता है... मुशर्रु यानि र्र के बाद फ यदि एक फ्लो में लिख दूं तो र्रु बन जाता है...इसका क्‍या समाधान हो सकता है? इसी प्रकार यदि खिलाडि़यों लिखूं तो नहीं बनता. छोटी इ की मात्रा ड़ के पहले लगाना होती है. जब मैं की लेआउट बदलकर इसे ड़ के बाद लगाता हूं तो खि‍लाड़ि‍यों सही आ जाता है. क्‍या इससे निपटने का कोई तरीका बता सकते हैं.Sanjayhttp://www.blogger.com/profile/06768651360493259810noreply@blogger.com