tag:blogger.com,1999:blog-10323440.post126494572221660699..comments2007-12-28T17:19:16.813+05:30Comments on प्रतिभास: काव्यकारी में सहायक दो प्रोग्रामअनुनाद सिंहhttp://www.blogger.com/profile/05634421007709892634noreply@blogger.comBlogger3125tag:blogger.com,1999:blog-10323440.post-46445218553282633472007-12-28T17:19:00.000+05:302007-12-28T17:19:00.000+05:30बहुत अच्छे :)बहुत पहले मैंने अंग्रेजी का एक प्रोग्...बहुत अच्छे :)<BR/><BR/>बहुत पहले मैंने अंग्रेजी का एक प्रोग्राम देखा था जिसमें कुछ विशेष पाठ और शब्दों के जरिए वो कविताएँ जेनरेट करता था.<BR/><BR/>तो आपसे आग्रह है कि कोई ऐसा भी प्रोग्राम हिन्दी के लिए बनाएँ. दिए गए एक पैरा के पाठ या कोई दो तीन सौ शब्दों को तरतीब-बेतरतीब से जमाकर वो धांसू कविता लिख दे...Raviratlamihttp://www.blogger.com/profile/07878583588296216848noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-10323440.post-67480767623527326942007-12-28T15:43:00.000+05:302007-12-28T15:43:00.000+05:30वाह, अनुनाद जी। बहुत उपयोगी होगा। कवि लोग आपको याद...वाह, अनुनाद जी। बहुत उपयोगी होगा। कवि लोग आपको याद रखेंगे इस नेक काम के लिए। कविता में तुक और छंद की बहार आ जाएगी अब तो। <BR/><BR/>परीक्षण करके बताता हूँ। हालांकि अपने को कविता की उतनी तमीज़ नहीं है।Srijan Shilpihttp://www.blogger.com/profile/09572653139404767167noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-10323440.post-25757238717319275172007-12-28T15:28:00.000+05:302007-12-28T15:28:00.000+05:30महत्वपूर्ण,नेक और सार्थक।महत्वपूर्ण,नेक और सार्थक।कविता वाचक्नवीhttp://blog.360.yahoo.com/blog-Lio3gFY6bacEj2CzNoysKv6H.Og-?cq=1noreply@blogger.com