26 January, 2009

हिन्दी के लिए फायरफाक्स के महत्वपूर्ण ऐड-आन

फायरफाक्स की बहुत सी खूबियाँ हैं। उसमे से साबसे बड़ी खूबी यह है की इसमे छोटे-छोटे प्रोग्रामों (जिन्हें ऐड-आन कहते हैं) को जोड़कर इसकी क्षमता बढ़ायी जा सकती है। हिन्दी के लिए भी कई ऐड-आन (संयोजी) प्रोग्राम उपलब्ध हैं। उनमे से कुछ अति-महत्वपूर्ण हैं:

१) जाल पृष्ठ के किसी भी टेक्स्ट-बक्से में सीधे हिन्दी लिखने के लिये :

) इन्डिक आइएमई

) लिपिकार

) एनी-की

) जी-इन्डिक

) ट्रान्सलिटरेटर

छ) गूगल का आभासी कुंजीपटल एपीआई


इनकी अपनी-अपनी विशेषताएँ हैं; जैसे कि इन्डिक आई एम में इन्स्क्रिप्ट के साथ-साथ डब्ल्यू-एक्स कुंजी का विकल्प है; एनी-की में इनस्क्रिप्ट कुंजीपटल है; जी-इन्डिक , गूगल ट्रान्सलिटरेटर पर आधारित है; आदि।

किन्तु मुझे इसमे जी-ट्रान्सलिटरेटर सबसे अच्छा लगा यह यद्यपि अपने वर्तमान रूप में इसमें हिन्दी इनपुट की सुविधा नहीं है किन्तु इसकी डिजाइन इस प्रकार है कि बहुत थोड़े प्रयत्न से कोई भी अपने मन-माफ़िक कुंजी-पटलजोड़ सकता है और उसे जब चाहे आवश्यक परिवर्तन भी कर सकता है। मैने अपने हिसाब से एक फोनेटिक कुंजीपटल जोड़कर इसे काम में ले रहा हूँ। किसी को इसमें रुचि हो तो मैं इसका कुछ विस्तार से वर्णन करूँगा।


) पद्मा

यह पुराने फ़ाण्ड़ों में लिखे जालपृष्ठों को यूनिकोड में बदलते हुए वेब-पृष्ट दिखाने का काम करता है।


) हिन्दी शब्दकोश वर्तनी-जाँचक

रवि श्रीवास्तव जी ने इसके बारे में एक पोस्ट लिखी है।


) जी-ट्रान्स्लेट

यह किसी वेब पृष्ठ के चुने हुए टेक्स्ट को सीधे आपकी भाषा (हिन्दी) में अनुवाद करके दे देगा।


उपरोक्त संयोजी प्रोग्रामों के उपयोग से हिन्दी में काम करने में आनंद आयेगा