18 March, 2009

अन्तरजाल से बिना जुड़े ही उसका आनन्द कैसे लें?

सीधे कहूँ तो यह सम्भव ही नहीं है। वस्तुत: यहाँ कुछ परोक्ष जुगाड़ों की बात करूँगा।

इसके पहले एक लेख में मैने विभिन्न प्रकार के विश्वकोष और विकिपिडिया की उपलब्धता और उन्हें डाउनलोड करने के विषय में चर्चा की थी।

अन्तरजाल पर आप बहुत कुछ करते हैं उनमें प्रमुख हैं - इमेल लिखना-पढ़ना और मनपसन्द साइटों का भ्रमण मुझे हाल ही में पता चला कि ऐसे प्रोग्राम भी उपलब्ध हैं जिनसे आप कुछ देर के लिये अन्तरजाल से जुड़कर अपनी पसन्द की पूरी की पूरी साइट को अपने कम्प्यूटर पर उतार सकते हैं जिसे अपनी सुविधानुसार फुर्सत में बिना अन्तरजाल से जुड़े भी पढ़ सकते हैं। "गेट्लेफ्ट" नामक इस तरह का एक प्रोग्राम मुझे बहुत अच्छा । इसकी मदद से मैने पूरा का पूरा स्कूल_विकिपिडिया ही डाउनलोड कर लिया। अलग-अलग विकल्प और सुविधा देने वाले और भी कई प्रोग्राम हैं। "एचटीट्रैक" नामक एक मुक्तस्रोत (ओपेन् सोर्स) प्रोग्राम भी है

इसी तरह मेल को आफलाइन लिखने और इन्टरनेट से जुड़ते ही उसे प्रेषित करने की सुविधा भी मौजूद है। उदाहरण के लिये आफलाइन जी-मेल ने यह सुविधा उपलब्ध करा दी है।


अन्त में , उपरोक्त विषय से सम्बन्धित कुछ उपयोगी कड़ियाँ -

Download Offline Browsers

Offline Browsers - Free Downloads on ZDNet

Being Offline !

Keep working when you’re not online

Using Gmail Offline: Email Without the Web

7 comments:

Shastri said...

इस आलेख में आप ने काफी उपयोगी जानकारी एकत्रित कर दी है. मैं काफी समय से यह कार्य करता आया हूँ और इस की उपयोगिता का समर्थन करता हूँ.

जिनके पास ब्राडबेंड है वे कभी भी, और बाकी लोग रात 10 बजे के बाद यह कार्य आसानी से कर सकते हैं.

सस्नेह -- शास्त्री

KK Yadav said...

Very Interesting information.
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गणेश शंकर ‘विद्यार्थी‘ की पुण्य तिथि पर मेरा आलेख ''शब्द सृजन की ओर'' पर पढें - गणेश शंकर ‘विद्यार्थी’ का अद्भुत ‘प्रताप’ , और अपनी राय से अवगत कराएँ !!

नरेश सिह राठौङ said...

आदरणीय अनुनाद सिंह जी, आप हिन्दी जगत को बहुत ही उपयोगी जानकारी पुराने समय से प्रदान कर रहे है । अब एक उपकार और भी किजियेगा आपकी इ मेल आई डी मुझे nareshbagar@gmail.com पर मेल करे ताकी मै आपसे सम्पर्क कर पाऊ ।

Anonymous said...

जानकारी केलिए शुक्रिया.....
मे कुछ जान ना चाहता हूँ वो ये हे की..रीसेंट्ली मे यूज़र फ्रेंड्ली टूल केलिए डुंड रहा ता और मूज़े मिला "क्विलपॅड".....आप भी इसीका इस्तीमाल करते हे काया...?
सुना हे की "क्विलपॅड" मे रिच टेक्स्ट एडिटर हे और वो 9 भाषा मे उपलाभया हे...! आप चाहो तो ट्राइ करलीजीएगा...
www.quillpad.in

thereinhard said...

अच्छी जानकारी के लिये बहुत-२ धन्यवाद

इष्ट देव सांकृत्यायन said...

भाई ग़जब. मैं भी यह कोशिश करके देखता हूं. लेकिन अनुनाद जी आपसे दो शिक़ायतें हैं. एक तो यह कि आप लिखते बहुत कम हैं और दूसरी यह कि कई बार विषयों को अधूरा भी छोड़ देते हैं. पिछली बार जब आपने आह्वान किया था कि प्रोग्रामिंग को बनाइए बच्चों का खेल तो मुझे लगा कि शायद आप कोई उपाय बताएंगे. जबकि वह उपाय तो आपने बताया ही नहीं.

प्रवीण त्रिवेदी...प्राइमरी का मास्टर said...

जानकारी केलिए शुक्रिया.....!!!